कालसर्प दोष पूजा सामग्री

कालसर्प दोष पूजा सामग्री – उज्जैन

कालसर्प पूजा मे उपयोग होने वाली सामग्री से पहले हम यह जान लेते है, की कालसर्प दोष पूजा क्यो की जाती है। उससे पहले हम यह जान लेते है की काल सर्प दोष क्या होता है?

जैसा की हम सभी जानते है, की किसी मनुष्य की कुंडली मे सारे ग्रह राहू और केतू के बीच मे ग्रसित होते है, तब काल सर्प दोष जातक की कुंडली मे उत्पन्न होता हे।

कालसर्प दोष का कुंडली मे होना काफी हानिकारक साबित हो सकता है। कालसर्प दोष के चलते हुए जातक को कई प्रकार के कष्ट उठाने पड़ सकते है। जैसे की व्यापार मे सदैव हानि होना, संतान सुख से वंचित रहना, विवाह मे कई प्रकार की समस्या आना और आर्थिक हानि होना।

अगर कालसर्प दोष की जानकारी जातक पहले पता कर ले, तो बेहतर होता है नहीं तो यह दोष जातक को जीवन भर कष्ट देता रहता है।

कालसर्प दोष पूजा सामग्री

कालसर्प दोष के दुष्प्रभावो को हम काल सर्प निवारण पूजा से सुभप्रभावों मे भी बदल सकते है, और अपने जीवन मे चल रही हर प्रकार की समस्या का समाधान कर सकते हे।

अगर किसी जातक की कुंडली मे यह दोष है, तो वह काल सर्प दोष निवारण पूजा को करा कर, अपनी कुंडली से इस दोष को समाप्त कर सकता है। इस पूजा के बाद आप अपने जीवन मे अपार सफलता प्राप्त कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते है।

काल सर्प पूजा के लिए मध्य प्रदेश मे उज्जैन को सर्वश्रेष्ठ स्थान बताया गया है, यदि आप भी कालसर्प दोष निवारण पूजा उज्जैन मे करवाना चाहते है, तो उज्जैन के प्रसिद्ध पंडित श्री कांता गुरु जी से संपर्क कर सकते है, पंडित जी काल सर्प दोष पूजा के विशेषज्ञ है। आप मंदिर परिसर मे पूजा सामग्री के कष्ट से बचने एवं काल सर्प दोष निवारण पूजा के सफल आयोजन के लिए पंडित जी से संपर्क कर सकते है।

कालसर्प दोष पूजा पूजा सामग्री लिस्ट

  1. श्री फल = 1
  2. शिवलिंग = 1
  3. लोहे का कटोरी = 1
  4. गोला = 1
  5. लकड़ी की चौकी = 1
  6. दोने = 1 पैकेट
  7. रुई = 1 पैकेट
  8. नवग्रह समिधा = 1 पैकेट
  9. मिट्टी के बड़े दिये = 2
  10. मोली = 5
  11. फूलो की माला, फूल = 5
  12. पान की पत्ते = 7
  13. कपूर = 11 टिक्की
  14. आम के पत्ते = 11 पत्ते
  15. छोटे मिट्टी के दीपक = 11
  16. जनेऊ = 11
  17. सुपारी = 11
  18. बेल पत्री = 11
  19. सांप = 9
  20. इलायची = 10 ग्राम
  21. लौंग = 10 ग्राम
  22. शहद = 50 ग्राम
  23. कच्चा दूध = 100 ग्राम
  24. रोली = 100 ग्राम
  25. दही = 100 ग्राम
  26. काली मिर्च = 100 ग्राम
  27. साबूत उड़द दाल = 250 ग्राम
  28. पंच मेवा = 250 ग्राम
  29. जौ = 500 ग्राम
  30. चीनी = 500 ग्राम
  31. काले तिल = 1 किलोग्राम
  32. देसी घी = 1 किलोग्राम
  33. हवन सामग्री = 1 किलोग्राम
  34. पंच मिठाई = 1 किलोग्राम
  35. साबुत चावल = 1 किलो 250 ग्राम
  36. आम की लकड़ी = 5 किलो ग्राम
  37. तिल का तेल = 1 लीटर
  38. सूखा बेल गीरी = 20 रु.
  39. जटामसी = 20 रु.
  40. भोज पत्र = 20 रु.
  41. गूग्गल = 20 रु.
  42. पीली सरसो = 20 रु.
  43. लाल चंदन = 20 रु.
  44. कमल गट्ठा = 20 रु.
  45. पीला कपड़ा = सवा मीटर
  46. धूप और अगरबत्ती = एक एक पैकेट
  47. ऋतु फल = श्रद्धा अनुरूप

पूजा सामग्री लेने से पहले इन बातो का ध्यान रखना चाहिए-

  • श्री फल को नारियल या चिकना नारियल भी कहा जाता है।
  • शक्कर गुड वाली होनी चाहिए।
  • पंच मेवे मे काजू, किशमिश, छुवारे, बादाम और मखाने होने चाहिए।
  • चावल टूटे हुये नहीं होने चाहिए।
  • पंच मिठाई मे बूंदी के लड्डू या बर्फी, बेसन से बने हुये लड्डू या बर्फी, मिल्क केक, मावा और नारियल से बनी हुई बर्फी या कोई सी भी सुखी मिठाई लेनी है।
  • ऋतु के अनुसार कोई से भी फल ले सकते है, किन्तु ध्यान रहे अनार एवं केले आवश्यक है। शेष तीन फल कोई से भी हो सकते है।
  • 9 नाग कुंडली लगा के बैठे हुये हो वो ही लेने है।
  • आटे का घी मे चूर्ण कर ( महाप्रसाद) सूखा प्रसाद बनाना है।
  • भगवती शृंगार के लिए अपने हाथ की चूडियाँ, बिंदी, मेहंदी, हार, माला, कंघी, दर्पण और सैंट जो आप स्वयं इस्तेमाल करते हो।
  • भगवती की साड़ी काले एवं नीले रंग की नहीं होनी चाहिए।
  • देवी की चाँदी की मूर्ति मे सुनार से कहकर माथे पर सोने की बिंदी लगवा दे।
  • किसी भी प्रकार की पूजा मे लकड़ी की चौकी जरूरी होती है, चाहे आप पूजा कर रहे हो या करवा रहे हो।

यह सभी मुख्य सामग्री है, जो की काल सर्प दोष निवारण पूजा मे उपयोग की जाती है। हम आप सभी से निवेदन करते है, की यदि आप भी यह पूजा करवाते है, तो एक बार पुजारी जी से सामग्री के बारे मे जानकारी जरूर ले।

अगर आप पंडित कांता गुरु जी द्वारा कालसर्प दोष पूजन कराते है तो आपको पूजन सामग्री की चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, सारी पूजन सामग्री पंडित जी द्वारा उपलब्ध करा दी जाएगी। जिससे आपका समय बच सके, आपको केवल उज्जैन मे आकर पूजा सम्पन्न करनी है।

नीचे दी गयी बटन पर क्लिक करके अभी पंडित जी से बात करे।

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